College me Pyar hua Dobara

कॉलेज में प्यार हुआ दोबारा 
दोस्तों ,क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है जिसे आप चाहते हो वो किसी और के लिए पागल हो??? अगर हां  तो इस पोस्ट पूरा पढ़िये और खुद देखिये की ऐसी स्थिति में क्या होता हैं।

तो दोस्तों ये कहानी उस लड़के की है जो अपनी ही क्लास की लड़की को बहुत पसंद करता है ,पर उसे  कभी बोलने की हिम्मत नहीं हुई।तो मै आपको इस कहानी के जरिये आपको उस स्थिति का आभास कराऊंगा जिसे कभी न कभी अपने भी अनुभव किया ही होगा।

College me Pyar hua Dobara


मेरा नाम अमन है और मैंने इंजीनियरिंग कॉलेज उरई  में दाख़िला लिया था।आज मेरा कॉलेज में पहला दिन था ,सब नए चेहरे ही दिख रहे थे क्यों की ये सरकारी कॉलेज था तो सब अलग-अलग जिले से थे।ज्यादेतर लोग ड्रेस में थे ,मैंने तो ड्रेस सिलने को दिया था तो मैं जीन्स पैंट और पुराने स्कुल की सफ़ेद शर्ट में गया था। थोड़ा डर सा लग रहा था की कही कोई डाटे न पर सब ठीक था ,थोड़ी देर में क्लास शुरू हो गई। सर ने सबका introduction लिया फिर चले गए ड्रेस को लेकर कुछ नही बोला ,पर मैंने सुना था इंजीनियरिंग कॉलेजो में रैगिंग होती हैं  तो मन में एक जिज्ञासा भी थी रैगिंग देखने का और उससे ज्यादा डर था,क्युकी खुद की होती जूनियर जो थे। तभी याद आया की बाहार नोटिस बोर्ड पर लिखा था "इस परिसर में रैगिंग एक दण्डनीय अपराध हैं" तो सारी चिंता ख़त्म।
मेरी क्लास में उस दिन लगभग 25 स्टूडेंट्स थे ,जिसमे से 5 लड़कियाँ थी। तभी मेरी नज़र एक अजीब सी लड़की पर आ रुकी ,वो देखने में बहुत सुन्दर थी पर लंबाई थोड़ी कम ज़रूर थी अब आप सोच रहे होंगे की इसमें अजीब क्या है ,तो सुनिए वो बोल नहीं सकती थी ऐसा मुझे लगता था और ये बात जानने में मुझे करीब 12 दिन लग गए।
उसी दिन से मैं उसे चाहने लगा और उसके शांत रहने की वजह ढूंढ़ने लगा।फिर एक दिन मैंने उससे पेन मांगने के बहाने बात करने की कोशिश की पर उसने तो देखा तक नहीं बल्की उसकी सहेली ने बोला मेरे पास है ,पेन लेकर मै बैठ गया। उस दिन से उसकी सहेली से बात होना शुरू हो गया ,तब



मैं बस उसे सुबह क्लास में आते देखता और शाम में घर  जाते देखता ,और उसे देख कर ही इतना ख़ुश होता की मानो हर मुराद पूरी हो गई हो।

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